shauryasaga.com
Kargil story

कारगिल युद्ध 17 जुलाई 1999

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
कैप्टन संजीव दहिया
SS37463M
10-10-1974 – 17-07-1999
यूनिट – 5 राजपूत रेजिमेंट/आर्मी सर्विस कॉर्प्स
हवलदार जयनारायण त्रिपाठी
2982566
यूनिट – 5 राजपूत रेजिमेंट
नायक दत्ता राम गौतम
2993131
यूनिट – 5 राजपूत रेजिमेंट
ऑपरेशन विजय
कारगिल युद्ध 1999
कैप्टन संजीव दहिया का जन्म 10 अक्टूबर 1974 को एक सैन्य पृष्ठभूमि के परिवार में लेफ्टिनेंट कर्नल आर. एस. दहिया के घर में हुआ था। वह हरियाणा के सोनीपत के निवासी थे। 5 सितंबर 1998 को उन्हें भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ था। 26 सितंबर 1998 को , उन्हें प्रथम कार्यभार के लिए 5 राजपूत बटालियन के साथ संलग्न किया गया था।
कारगिल युद्ध के समय जुलाई 1999 में, कैप्टन संजीव दहिया की बटालियन को जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात किया गया था। 16/17 जुलाई 1999 की रात्रि को, ऋतुकाल की सर्वाधिक वर्षा में 5 राजपूत बटालियन के एक अधिकारी और सात सैनिकों का एक दल गश्त पर था। उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एनएस पुरा और मालाबेला के मध्य क्षेत्र में गश्त कर शत्रु घुसपैठ को रोकने का कार्य दिया गया था।
आगे चलकर इस गश्ती दल को दो सहायक गश्ती दल में विभाजित कर दिया गया। कैप्टन संजीव दहिया के नेतृत्व में तीन अन्य सैनिकों के साथ एक सहायक गश्ती दल को क्षेत्र में गश्त करनी थी, जबकि एक गैर-कमीशन अधिकारी और तीन अन्य सैनिकों के दूसरी सहायक गश्ती दल को परगवाल नहर हेड-वर्क्स के पास ग्रोव क्षेत्र में तैनात किया गया था।
17 जुलाई 1999 को रात्रि के लगभग 2:00 बजे कैप्टन संजीव दहिया के नेतृत्व में जब यह गश्ती दल मालबेला बंकर के निकट से आगे बढ़ रहा था, तो आकस्मिक पीछे से वह प्रचंड फायरिंग में घिर गया। इस फायरिंग में कैप्टन दहिया, हवलदार जयनारायण त्रिपाठी व नायक दत्त राम गौतम वहीं वीरगति को प्राप्त हो गए व एक सैनिक घायल हो गया। आरंभ में इसे सीमापार से पाकिस्तान की फायरिंग माना गया था।
वहीं उच्चस्तरीय रक्षा सूत्रों ने जम्मू में कहा की यह घटना त्रुटिपूर्ण अभिज्ञान या भ्रांति का परिणाम नहीं थी। यह एक BSF कर्मी द्वारा मंतव्य से किया गया कृत्य था। गश्त के समय ये गश्तीदल BSF की एक नाका चौकी पर पहुंचा और उन्होंने वहाँ पर तैनात एकमात्र BSF कर्मी को गहन निद्रा में सोते हुए पाया। कैप्टन दहिया ने उस BSF कर्मी को नींद से जगाया व उसके साथ उन की तीखी कहासुनी हुई।
उस BSF कर्मी ने सोचा कि कैप्टन दहिया उस की इस असावधानी के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करेंगे। आक्रोश में उस ने नाका पोस्ट से लौटते हुए गश्ती दल पर अंधाधुंध गोलियां चलाई। जिससे कैप्टन दहिया, हवलदार जयनारायण त्रिपाठी, नायक दत्ता राम गौतम तत्क्षण वहीं बलिदान हो गए। जबकि चौथे सैनिक के पांव में गोली लगी और एक नाले में छिप कर उसने अपने प्राणों की रक्षा की। इस प्रकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक युवा कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी व दो सैनिक बलिदान हो गए।

#कारगिलसेजोलौटकेघरनाआए
#Kargil17July
#Kargil5Rajput
#KargilHaryana
#KargilSonipatDistrict
#KargilUP#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:
https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO
https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

Related posts

कारगिल युद्ध गनर रमेश विक्रम भाई जोगल

Chandra kishore

कारगिल युद्ध 3 जुलाई 1999 लांस नायक शंकर राजाराम शिंदे

Chandra kishore

ऑपरेशन विजय कारगिल युद्ध 30 मई 1999 मेजर सोनम वांगचुक

Chandra kishore

Leave a Comment