shauryasaga.com
Shaurya chakra

शौर्य चक्र लांस नायक रणजीत सिंह गौड़

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
लांस नायक रणजीत सिंह गौड़
4170764
20-08-1958 – 06-06-1984
शौर्य चक्र (मरणोपरांत)
वीरांगना – श्रीमती किरण कंवर
यूनिट – 15 कुमाऊं रेजिमेंट
ऑपरेशन ब्लू स्टार 1984
लांस नायक रणजीत सिंह का जन्म 20 अगस्त 1958 को राजस्थान के चूरू जिले की राजगढ़ तहसील के नीमा गांव में श्री रामनिवास सिंह गौड़ एवं श्रीमती विमला कंवर के परिवार में हुआ था। 18 अक्टूबर 1977 को इंदौर से वह भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रारंभिक प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 15 कुमाऊं बटालियन में सिपाही के पद पर नियुक्त किया गया था।
वर्ष 1984 में पंजाब में आतंकवाद चरम पर पहुंच गया था। खालिस्तानी आतंकवादियों ने पवित्र स्वर्ण मंदिर परिसर पर अधिकार कर लिया था और वहां किलेबंदी कर उसे अपना मुख्यालय बना लिया था। इसलिए स्वर्ण मंदिर परिसर पर नियंत्रण स्थापित करने और परिसर को मुक्त कराने के लिए 1 जून 1984 से 8 जून 1984 के मध्य भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था।
“ऑपरेशन ब्लू स्टार” में, 6 जून 1984 को लांस नायक रणजीत सिंह 15 कुमाऊं बटालियन की एक ऐसी कंपनी के सदस्य थे, जिसे स्वर्ण मंदिर परिसर को आतंकवादियों से मुक्त कराने का कार्य दिया गया था। इस भवन की सुदृढ़ किलेबंदी की गई थी और यह भवन आतंकवादियों के आत्मघाती समूहों के आधिपत्य में था। आतंकवादियों ने आगे बढ़ती हुई इस कंपनी पर मीडियम मशीनगनों और लाइट मशीनगनों से प्रचंड गोलीबारी की, जिससे अनेक सैनिक हताहत हो गए।
लांस नायक रणजीत सिंह ने देखा कि भवन की बांई ओर की दीवार की मुंडेर से एक लाइट मशीनगन से अंधाधुंध फायर आ रहा था। जिससे उनकी सैन्य टुकड़ी का आगे बढ़ना कठिन हो गया था। ऐसी स्थिति में लांस नायक रणजीत सिंह ने अदम्य साहस प्रदर्शित करते हुए, तत्क्षण उस मशीनगन पर आक्रमण किया और मशीन गन चालक आतंकवादियों को उसी स्थान पर मार दिया।
किंतु इस साहसिक कार्रवाई में उन्हें उस मशीनगन की गोलियां लग गई। उनके इस वीरतापूर्ण कार्य से कंपनी किसी क्षति के अतिरिक्त आगे बढ़ती गई। ऑपरेशन समाप्त होने के पश्चात उनका पार्थिव शरीर दो मशीन गन चालक आतंकवादियों के शवों के मध्य पड़ा पाया गया था।
इस ऑपरेशन में लांस नायक रणजीत सिंह ने अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय एवं शौर्य का परिचय दिया तथा सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया गया।
नीमा गांव में इनकी प्रतिमा स्थापित है। 6 जून 2021 को गांव के मुख्य चौक का नाम ‘शहीद रणजीत सिंह, चौक’ रखा गया। 26 अक्टूबर 2021 को गांव के राजकीय विद्यालय का नाम ‘शहीद रणजीत सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नीमा रखा गया।
#ऑपरेशनब्लूस्टार
#OpBlueStar6June
#OpBlueStar15Kumaon

#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:
https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO
https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

Related posts

लांस नायक भवन सिंह शौर्य चक्र (मरणोपरांत)

shauryaadmin

शौर्य चक्र मेजर अखिल राज आर.वी.

Chandra kishore

शौर्य चक्र कैप्टन राजेन्द्र सिंह कड़वासरा

Chandra kishore

Leave a Comment