shauryasaga.com
Sena Medal

सेना मेडल सिपाही विशाल चौधरी

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
सिपाही विशाल चौधरी
3200871M
04-05-1986 – 30-07-2016
सेना मेडल (मरणोपरांत)
वीरांगना – श्रीमती मधु सिंह
—————————————————————————–
सिपाही विशाल चौधरी का जन्म 4 मई 1986 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की अनूपशहर तहसील के रौनडा गांव में हुआ था। वर्ष 2004 में, वह भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट में, रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 18 जाट बटालियन में सिपाही के पद पर नियुक्त किया गया था।
—————————————————————————–
वर्ष 2016 में, सिपाही विशाल चौधरी व सिपाही बबलू सिंह जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर तैनात थे। उनकी बटालियन नियमित रूप से आतंकवादियों के विरूद्ध अभियान चला रही थी। 29/30 जुलाई 2016 की रात्रि में, नौगाम सेक्टर से आतकंवादियों ने घाटी में घुसपैठ का प्रयास किया। गोपनीय सूत्रों ने, सुरक्षा बलों को पूर्व से ही घुसपैठ के ऐसे संभावित प्रयासों के संबंध में इनपुट दिया था। अतः बटालियन के सैनिक पूर्व से ही अति सतर्क थे।
30 जुलाई 2016 की रात्रि, लगभग 12:30 बजे नौगाम सेक्टर की डेंजर चौकी पर तैनात सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर स्थापित तारबाड़ के साथ गश्त करते समय संदिग्ध क्षेत्र में असामान्य गतिविधि देखी। चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने राइफल ग्रेनेड दागते हुए उन सैनिकों पर फायरिंग आरंभ कर दी।
सिपाही विशाल चौधरी व सिपाही बबलू सिंह भी इस टुकड़ी के साथ गश्त कर रहे थे, उसी समय आतंकवादियों ने उन पर घात लगाकर राइफल ग्रेनेड दागा व गोलियां चलाईं। वहां हो रही भीषण फायरिंग में एक आतंकवादी शिलाखंडों की आड़ में छिप गया। आकस्मिक सिपाही बबलू सिंह और वह आतंकवादी आमने-सामने आ गए।
उस आतंकवादी ने लगभग 15 मीटर की दूरी से उन पर फायर किया। गंभीर रूप से घायल होते हुए भी, उच्च कोटि का साहस व वीरता प्रदर्शित करते हुए, सिपाही बबलू सिंह ने पलटवार किया और उस आतंकवादी को मार दिया। अपने साथियों के जीवन की रक्षा करते हुए वह वीरगति को प्राप्त हुए।
सिपाही विशाल चौधरी घायल होते हुए भी आतंकवादियों पर गोलियां चलाते रहे तथा एक आतंकवादी को उन्होंने मार दिया। उन्हें त्वरित उपचार के लिए ले जाया गया, जहां वे वीरगति को प्राप्त हो गए।
लगभग छह घंटे तक चली इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। उन आतंकवादियों से दो असाल्ट राइफलें, एक यूबीजीएल, पिस्तौल, प्रचुर मात्रा में कारतूस, लगभग एक दर्जन हथगोले, रेडियो उपकरण, जीपीएस, दवाएं अन्य युद्ध सामग्री व आलेख पाए गए।
सिपाही विशाल चौधरी व सिपाही बबलू सिंह को, उनके अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया।

Related posts

सेना मेडल हवलदार भंवर सिंह शेखावत

Chandra kishore

Rifleman N Khatnei Konyak

shauryaadmin

कारगिल युद्ध 15 जून 1999 सूबेदार जोगिंदर सिंह

Chandra kishore

Leave a Comment