shauryasaga.com
Kargil story

ऑपरेशन सफेद सागर कारगिल युद्ध 1999 स्क्वॉड्रन लीडर अजय कुमार आहूजा

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
स्क्वॉड्रन लीडर अजय कुमार आहूजा
22-05-1963 – 27-05-1999
वीर चक्र (मरणोपरांत)
वीरांगना – श्रीमती अलका देवी
यूनिट – स्क्वॉड्रन नं. 17 (Golden Arrow)
भारतीय वायु सेना
ऑपरेशन सफेद सागर
कारगिल युद्ध 1999
स्क्वॉड्रन लीडर अजय कुमार आहूजा का जन्म 22 मई 1963 को राजस्थान के कोटा नगर में हुआ था। उन्होंने सेंट पॉल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी। तत्पश्चात उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लिया और पास आउट के पश्चात 14 जून 1985 को उन्हें भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था।
वर्ष 1999 तक, वह लगभग 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके थे। वह अनुभवी पायलट और प्रतिबद्ध वायुसैनिक बन चुके थे। उन्होंने मिग के मिग-23 युद्धक-बमवर्षक और मिग-21 विमानों को उड़ाने का अनुभव प्राप्त किया था। उन्हें 1,000 घंटे से भी अधिक उड़ान का अनुभव था। वह एक योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी थे। वर्ष 1997 में, स्क्वॉड्रन लीडर आहूजा पोस्टिंग पर भटिंडा एयरबेस चले गए। मई 1999 में कारगिल में घुसपैठ उजागर होने पर वह नियंत्रण रेखा पर विशेष चित्र-टोही मिशन के फ्लाइट कमांडर थे।
27 मई 1999 को भारतीय वायुसेना द्वारा कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर “ऑपरेशन सफेद सागर” के अंतर्गत एक चित्र-टोही मिशन आरंभ किया गया। इस टोही मिशन में भाग ले रहे फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता के मिग-27 के इंजिन में अग्नि के कारण वह आपात स्थिति में विमान से निकल गए। शत्रु की SURFACE TO AIR स्टिंगर मिसाईलों का संज्ञान होते हुए भी स्क्वॉड्रन लीडर अजय आहूजा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता के अन्वेषण में वहां पहाड़ियों पर निरंतर उड़ते रहे।
उसी समय, उनके मिग -21 विमान पर शत्रु की एक FIM-92 स्टिंगर मिसाईल लगी। स्क्वॉड्रन लीडर आहूजा ने नियंत्रण कक्ष को रेडियो संदेश दिया – “हरक्यूलिस मुझे लगता है मेरा विमान HIT हुआ है, किसी मिसाइल आक्रमण की संभावना लगती है, मैं अपने विमान से निकल रहा हूँ।” उन्होंने धैर्य प्रदर्शित करते हुए अपने विमान को सुरक्षित क्षेत्र की ओर चलाने का प्रयास किया, किंतु उनके विमान में अग्नि के कारण उन्हें अपने विमान से EJECT होना पड़ा और उनके मिग का भारतीय वायु सेना से संचार संपर्क कट गया।

—— मृत्यु की परिस्थितियां ——
भारतीय वायु सेना की ओर से प्रदर्शित तथ्यों के अनुसार स्क्वॉड्रन लीडर आहूजा का विमान नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा में ही उड़ रहा था। श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल में किए गए अंत्यपरीक्षण में उजागर हुआ कि स्क्वॉड्रन लीडर आहूजा अपने विमान से सुरक्षित उतरे थे, किंतु पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें बंदी बना लिया। उन्हें शारिरिक और मानसिक यातनाएं दे कर उनकी हत्या की गई। 28 मई 1999 को उनका पार्थिव शरीर भारत को दिया गया था।
स्क्वॉड्रन लीडर अजय कुमार आहूजा को उनके अदम्य साहस, धैर्य, सौहार्द की भावना एवं सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत “वीर चक्र” से सम्मानित किया गया।
#कारगिलसेजोलौटकेघरनाआए
#Kargil27May
#KargilSafedSagar
#KargilIAF
#KargilRajasthan
#KargilKotaDistrict

#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:
https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO
https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

Related posts

परम वीर चक्र कैप्टन विक्रम बत्रा

Chandra kishore

कारगिल युद्ध 21 जून 1999 गनर प्रमेंद्र सिंह यादव

Chandra kishore

कारगिल युद्ध 15 जून 1999 लांस नायक हरीश पाल शर्मा

Chandra kishore

Leave a Comment