—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
सूबेदार रणधीर सिंह काल्हेर
JC448357
15-07-1955 – 03-06-1999
वीर चक्र (मरणोपरांत)
वीरांगना – स्व. श्रीमती बिमला देवी
यूनिट – 18 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट
तोलोलिंग का रण
ऑपरेशन विजय
कारगिल युद्ध 1999
सूबेदार रणधीर सिंह काल्हेर का जन्म 15 जुलाई 1955 को हरियाणा के भिवानी जिले में चरखी-दादरी के निकट बलकारा गांव में श्री कन्हैया लाल काल्हेर एवं श्रीमती पटोरी देवी के परिवार में हुआ था। आगे चलकर, इन्हें चौधरी श्रीचंद ने गोद ले लिया था। इन्होंने 8 वीं तक की शिक्षा गांव के हाईस्कूल से प्राप्त की थी। इन्हें मल्लयुद्ध में रूचि थी और यह भिवानी जिले के प्रसिद्ध मल्ल यौद्धा थे।
एक क्रीड़ा प्रतियोगिता में भाग लेते समय वह भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट के संपर्क में आए और इस प्रकार 30 जून 1975 को वह ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रारंभिक प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 18 ग्रेनेडियर्स बटालियन में ग्रेनेडियर के पद पर नियुक्त किया गया था। अपनी बटालियन में विभिन्न परिचालन परिस्थितियों और स्थानों पर सेवाएं देते हुए वह सूबेदार के पद पर पदोन्नत हो गए थे।
“ऑपरेशन विजय” में 2/3 जून 1999 की रात्रि में, द्रास सेक्टर में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण तोलोलिंग पहाड़ी क्षेत्र के आक्रमण में सूबेदार रणधीर सिंह को अपनी प्लाटून का नेतृत्व करने का कार्य दिया गया था। शत्रु की यह चौकी सुदृढ़, स्वचालित शस्त्रों से सुसज्जित और 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर दुर्गम, हिमाच्छादित पहाड़ी मार्ग पर थी।
प्लाटून के आगे बढ़ने में शत्रु के एक बंकर से हो रही मशीन गन की भयानक फायरिंग बाधा बन रही थी। उन्होंने, त्वरित अपनी प्लाटून को तैनात किया और एक लघु से सेक्शन के साथ रेंगते हुए बंकर की ओर आगे बढ़े। उन्होंने अति निकट से आक्रमण कर दो घुसपैठियों को मार दिया और उस मशीनगन को शांत कर दिया।
इस साहसिक एवं भयानक प्रक्रिया में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल होते हुए भी उन्होंने युद्ध छोड़ना अस्वीकार कर दिया और वह आगे हो कर अपने प्लाटून को निर्देशित और प्रेरित कर नेतृत्व करते रहे। सूबेदार रणधीर सिंह एक अन्य शत्रु बंकर की ओर बढ़े तो वह गंभीर रूप से घायल थे। उनके घावों से अत्यधिक रक्त बह रहा था, तो भी उन्होंने आक्रमण किया और आमने-सामने के संघर्ष में एक घुसपैठिए को मार दिया।
उनके साहसिक कृत्य ने उनके साथियों को शत्रु पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित किया जिससे तोलोलिंग पहाड़ी क्षेत्र पर पांव रोपने (FOOTHOLD) में, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण भूमि प्राप्त हुई, जिससे आगे पॉइंट 4590 पर अधिकार करने में सुविधा हुई। सूबेदार रणधीर सिंह ने एक कठिन मिशन का नेतृत्व पूर्ण किया। अंततः घातक घावों से अत्यधिक रक्त बह जाने से वह वीरगति को प्राप्त हुए।
सूबेदार रणधीर सिंह को उनकी वीरता, अदम्य साहस, युद्ध की अडिग भावना एवं नेतृत्व के लिए मरणोपरांत “वीर चक्र” से सम्मानित किया गया।
#कारगिलसेजोलौटकेघरनाआए
#Kargil3June
#Kargil18Grenadiers
#KargilHaryana
#KargilBhiwaniDistrict
#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:
https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO
https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

