——-शौर्यनमन——-
हवलदार बहादुर सिंह बोहरा (न. 13621503) का जन्म 5 अक्तूबर, 1977 को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रावल खेत गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री गोविन्द सिंह बोहरा था। 25 अगस्त, 1996 को वे पैराशूट रेजिमेंट के 10वीं बटालियन में भर्ती हुए थे।
2008 में हवलदार बहादुर सिंह बोहरा जम्मू-कश्मीर के 14000 फीट ऊंचे लवांज क्षेत्र में तलाशी अभियान के लिए तैनात आक्रमक दल के स्क्वाड कमांडर थे।
25 सितंबर, 2008 को 18:15 बजे हवलदार बोहरा ने जब एक आतंकवादी दल को देखा तब उन्हें रोकने के लिए वे शीघ्रता से आगे बढ़े।
इस प्रक्रिया के दौरान, हवलदार बहादुर सिंह बोहरा शत्रु की भारी गोलीबारी की चपेट में आ गए, किन्तु गोलीबारी की परवाह किए बिना वे निर्भीकता के साथ आतंकवादियों पर टूट पड़े तथा उनमें से एक को मार गिराया।
इस मुठभेड़ में उन्हें भी गोलियों के गहरे घाव लगे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इंकार कर दिया तथा मुठभेड़ जारी रखते हुए नजदीक जाकर दो और आतंकवादियों को मार गिराया।
हवलदार बहादुर सिंह बोहरा ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
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