shauryasaga.com
Ashok Chakra

अशोक चक्र सेकंड लेफ्टिनेंट पी. एम. रमन

——-शौर्यनमन——-
सेकंड लेफ्टिनेंट पी. एम. रमन (आई सी-7415) का जन्म 4 दिसंबर, 1934 को जिला उत्तरी अर्कोट, मद्रास में हुआ था। इनके पिता मेजर डॉ. पी. के. मुथुस्वामी थे। उन्हें 2 जून, 1955 को सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन मिला था।

1956 में 3 सिख लाइट इन्फैंट्री को नगा हिल्स में नगा विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैनात किया गया था। 3 जून, 1956 को इस बटालियन की ‘ए’ कंपनी को कोहिमा में चेफेमा गांव पर प्रातः काल हमला कर विद्रोहियों के एक मजबूत ठिकाने पर कब्जा करने का आदेश मिला। जब 5:00 बजे कंपनी चेफेमा पहुंची तो गांव से उन पर अंधाधुंध गोलीबारी होने लगी। इस मौके पर सेकंड लेफ्टिनेंट रमन को, जो अपनी कंपनी की नं 2 प्लाटून को कमांड कर रहे थे, गांव से विद्रोहियों का सफाया करने का आदेश दिया गया परंतु गांव में घुसते ही उन पर लाइट मशीन गनों, स्टेनगनों और राइफलों से भीषण गोलीबारी होने लगी। कुहासे और कम दृश्यता के र्कारण विद्रोहियों के ठिकाने का सही अंदाजा नहीं लगा और उनकी गोलियों की बौछार के सामने आगे बढ़ना असंभव हो गया।

अचानक कुहासा साफ हो गया। रमन अब झोपड़ी के आसपास विद्रोहियों की गतिविधि देख सकते थे। मौके का लाभ उठाकर वे झोपड़ी की तरफ दौड़े और स्टेन गन से गोलियों की बौछार करते हुए दो विद्रोहियों को मार गिराया। पास में छिपे हुए एक तीसरे विद्रोही ने रमन के ऊपर एक ग्रेनेड फेंका, जिससे वे बाल-बाल बचे। सेकंड लेफ्टिनेंट रमन आगे बढ़ते रहे और अपनी स्टेन गन की बौछार से उन्होंने एक और विद्रोही को मार गिराया। यहां पर एक और विद्रोही ने उनके ऊपर ग्रेनेड फेंका, जिसने उनके हैट को चीर डाला और उन्हें जख्मी कर दिया। परन्तु उन्होंने हमला जारी रखा। इससे विद्रोही पूरी तरह हतोत्साहित हो गए और भाग निकले। बहादुर अफसर ने आगे बढ़ते हुए एक और विद्रोही को मार गिराया। इस प्रकार ठिकाने से विद्रोहियों का सफाया हो गया।

इसी बीच एक विद्रोही ने अपनी स्टेन गन से बहुत ही नजदीक से सेकंड लेफ्टिनेंट रमन पर गोलियां बरसाई, जो उनके पेट में लगी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हमलावर पर एक हथगोला फेंक दिया। विद्रोही को घिसटकर पास की झाड़ी में घुसते हुए देखा गया। कुहासा अब छंटने लगा था। रमन ने अपने सैनिकों को आगे बढ़ने और बचे हुए विद्रोहियों को मार भगाने का आदेश दिया। उनसे प्रेरणा पाकर सैनिकों ने विद्रोहियों को गांव से साफ कर दिया। इस संक्रिया में 5 विद्रोही मारे गए और 3 घायल हुए। उनसे एक एस बी एम एल गन और कुछ गोला-बारूद भी बरामद हुआ। विद्रोहियों के इस मजबूत ठिकाने को साफ करने में सेकंड लेफ्टिनेंट रमन ने अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस कार्रवाई में असाधारण कर्त्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व के प्रदर्शन के लिए लेफ्टिनेंट पोलूर मुथुस्वामी रमन को मरणोपरांत अशोक चक्र प्रदान किया गया।

#kargil #NGOs #ngo #foryou #everyone #martyrs #ngoformartyrs

#awar#shauryakokarkenaman

ds #सम्मान #bestngo #bestngoformartyrs #MartyrsFamily #massage #TodayInHistory #today #bharat #bestfortoday #bestforyou #ngoforshaheed #bestngoforshaheed

#Kargil28RashtriyaRifle#bhagatsingh #sukhdev #rajguru

#IndianArmedForces

#IndianArmyDay

#JaiHind

#SaluteToIndianArmy

#ArmyStrong

#SiachenWarriors

#ArmyLife

#IndianDefence

#SoldiersOfIndia

#BraveHearts

#StandWithIndianArmy

#Website

https://www.shauryanaman.com/

https://www.shauryanaman.org/

:

Follow on Instagram

https://www.instagram.com/shauryanamanngo/

:

Follow on Facebook

https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO

:

Subscribe on YouTube

https://www.youtube.com/c/shauryanaman

:

#Id

shauryanaman2019@gmail.com

:

#Contact

+91 91110-10008

:

#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy

#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute

 

 

Related posts

अशोक चक्र, भारतीय वायु सेना फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुहास बिस्वास

Vinay Dixit

अशोक चक्र कर्नल यूरी वासिलेविच मालिशेव

Chandra kishore

अशोक चक्र नायब सूबेदार सुज्जन सिंह

Chandra kishore

Leave a Comment