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शौर्य नमन फाउंडेशन:प्रोफाइल

शौर्य नमन फाउंडेशन: पूर्ण प्रोफाइल

1. परिचय

शौर्य नमन फाउंडेशन एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) है जो भारत के शहीद सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा के लिए समर्पित है। इसकी टैगलाइन “शहीदों का परिवार हमारा परिवार है” इसके मूल उद्देश्य को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। यह संगठन देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने का कार्य करता है। “सेवा, शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण, जल संरक्षण एवं जीवन—सब कुछ शहीदों के नाम” यह पंक्ति संगठन के व्यापक दृष्टिकोण और समर्पण को परिभाषित करती है।

2. स्थापना

  • स्थापना तिथि: 9 अक्टूबर 2020
  • संस्थापक: रमेश चंद्र शर्मा और कविता शर्मा
  • प्रेरणा: इस संगठन की नींव 2019 में हुए पुलवामा हमले से प्रभावित युवाओं के एक समूह की भावनाओं से रखी गई। इस घटना ने देशभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना को जागृत किया, जिसके परिणामस्वरूप शौर्य नमन फाउंडेशन की स्थापना हुई।
  • पंजीकरण: यह संगठन मध्य प्रदेश में ROC-ग्वालियर के तहत एक गैर-सरकारी कंपनी के रूप में पंजीकृत है। इसका कॉर्पोरेट पहचान संख्या (CIN) U85300MP2020NPL053190 है।

3. मुख्यालय और संपर्क

  • पंजीकृत पता: B-802, स्टर्लिंग स्काय लाइन, बिछौली हप्सी रोड, बंगाली स्क्वायर, इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत – 452016
  • ईमेल: shauryanaman2019@gmail.com / sonurameshgkp@gmail.com
  • फोन नंबर: +91 91110 10007
  • सोशल मीडिया:
    • फेसबुक: Shaurya Naman शौर्यनमन (5.5 लाख से अधिक फॉलोअर्स)
    • इंस्टाग्राम, यूट्यूब, और अन्य प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय।
  • वेबसाइट: www.shauryanaman.com, www.shauryanaman.org, www.shauryasaga.com

4. उद्देश्य

शौर्य नमन फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य शहीदों के परिवारों की सेवा करना और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। इसके प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं:

  • शहीदों के परिवारों को सामाजिक, आर्थिक और नैतिक सहायता प्रदान करना।
  • शहीदों की स्मृति में स्मारकों का निर्माण और रखरखाव करना।
  • शहीद वधुओं, जिन्हें शौर्य वधू कहा जाता है, के पुनर्वास और सम्मान में सहायता करना।
  • शहीदों के बच्चों की शिक्षा और परिवार की आजीविका के लिए कार्य करना।
  • पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के लिए शहीदों के नाम पर पहल करना।

5. प्रमुख गतिविधियाँ

शौर्य नमन फाउंडेशन ने अपने छोटे से सफर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं:

  • स्मारक निर्माण: अब तक 9 नए स्मारक बनाए गए और 10 स्मारकों का पुनर्निर्माण किया गया।
  • सम्मान समारोह: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार की राजधानियों में शहीदों के सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
  • सोशल मीडिया जागरूकता: संगठन की आईटी विंग रोजाना शहीदों की कहानियों को सोशल मीडिया पर साझा करती है ताकि उनकी वीरता की सही जानकारी लोगों तक पहुँच सके।
  • शौर्य वन: शहीदों के नाम पर पेड़ लगाने और जल संरक्षण की परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। इसका लक्ष्य हर राज्य में शहीदों के नाम पर एक वन स्थापित करना है, जहाँ उनकी जानकारी भी उपलब्ध होगी।
  • शौर्य तीर्थ: पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के लिए समर्पित स्थानों का निर्माण।
  • शौर्य गाथा: शहीदों की कहानियों को लोगों तक पहुँचाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करना।
  • स्वास्थ्य: शहीदों के परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था।
  • तीर्थयात्रा: शहीदों के माता-पिता के लिए “हम भी श्रवण कुमार” तीर्थयात्रा की व्यवस्था।
  • स्टूडेंट हेल्पलाइन: छात्रों को करियर मार्गदर्शन प्रदान करना, ताकि शहीदों के बच्चों सहित अन्य युवाओं को उनके भविष्य के लिए सही दिशा मिल सके।

6. संगठन की संरचना

  • निदेशक: रमेश चंद्र शर्मा और कविता शर्मा संगठन के प्रमुख निदेशक हैं।
  • ब्रांड एम्बेसडर: पंडित अभिषेक गौतम, जिनके शरीर पर 636 से अधिक शहीदों के नाम टैटू के रूप में अंकित हैं।
  • स्वयंसेवक: संगठन देशभर से स्वयंसेवकों को जोड़ता है जो शहीदों के परिवारों की सेवा में योगदान देते हैं।
  • वित्तीय स्थिति: संगठन मुख्य रूप से दान, स्वयंसेवी योगदान और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से संचालित होता है।

7. प्रभाव और उपलब्धियाँ

  • शौर्य नमन फाउंडेशन ने देशभर में शहीदों के परिवारों के लिए एक मजबूत सहायता प्रणाली बनाई है।
  • इसने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रेरित करने में।
  • संगठन की पहुँच मध्य प्रदेश से शुरू होकर अब राष्ट्रीय स्तर तक फैल चुकी है।
  • सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक उपस्थिति (फेसबुक पर 5.5 लाख से अधिक फॉलोअर्स) इसे एक प्रभावशाली मंच बनाती है।

8. दृष्टिकोण और मिशन

  • दृष्टिकोण: शहीदों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और देश में सैनिकों के प्रति सम्मान की संस्कृति विकसित करना।
  • मिशन: “हमारा योगदान, उनके बलिदान के लिए” – यह संगठन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय, सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को पूरा करने का प्रयास करता है।

9. सामाजिक प्रभाव

शौर्य नमन फाउंडेशन ने न केवल शहीदों के परिवारों को सहारा दिया, बल्कि समाज में यह संदेश भी फैलाया कि देश के वीर सपूतों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसने पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण जैसे मुद्दों को भी शहीदों की स्मृति से जोड़कर एक अनूठा प्रयास किया है।

10. भविष्य की योजनाएँ

  • सभी राज्यों में शौर्य स्मारक, शौर्य वन, गुरुकुल और शौर्य तीर्थ की स्थापना।
  • शहीदों के बच्चों की शिक्षा के लिए बड़े पैमाने पर छात्रवृत्ति कार्यक्रम।
  • चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, जिसमें शहीदों के परिवारों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जाँच, उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था शामिल हो।
  • रोजगार के अवसरों को बढ़ाना: शहीदों के परिवारों के लिए स्वरोजगार और नौकरी के अवसर सृजित करना, जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण, छोटे व्यवसायों के लिए सहायता, और निजी एवं सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के लिए पहल करना।
  • प्रत्येक जिले में एक बलिदानी के नाम पर ब्लड बैंक और चिकित्सालय की स्थापना करना।
  • शहीदों की कहानियों को डिजिटल और भौतिक माध्यमों से संग्रहित करना।

निष्कर्ष

शौर्य नमन फाउंडेशन एक ऐसा संगठन है जो शहीदों के प्रति सम्मान और उनके परिवारों की सेवा को अपना धर्म मानता है। यह न केवल एक NGO है, बल्कि देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। श्री रमेश चंद्र शर्मा और कविता शर्मा के नेतृत्व में यह संगठन तेजी से बढ़ रहा है और देश के कोने-कोने में शहीदों के परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रहा है।
जय हिंद!

 

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