shauryasaga.com
Untold stories of Martyrs

लेफ्टिनेंट अभय पारीक

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
लेफ्टिनेंट अभय पारीक
SS38789P
13-08-1977 – 10-06-2002
यूनिट – 69 फील्ड रेजीमेंट (Queen of War)
ऑपरेशन पराक्रम 2002
लेफ्टिनेंट अभय पारीक का जन्म 13 अगस्त 1977 को राजस्थान के जयपुर नगर में श्री के. एस. पारीक एवं श्रीमती प्रभा देवी के परिवार में हुआ था। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से PASSOUT होने के पश्चात, सितंबर 2000 में उन्हें भारतीय सेना की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी की 69 फील्ड रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ था।
कमीशन के शीघ्र पश्चात उन्हें जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर शत्रु की चौकियों से मात्र 100-150 मीटर के अंतर पर नियुक्त किया गया था। नियंत्रण रेखा पर यह अग्रिम चौकियां इतनी निकट थी कि शत्रु की आँख से आँख मिल जाती थी।
संसद भवन पर आत्मघाती आक्रमण होने के परिणामस्वरूप भारतीय सेना ने ऑपरेशन पराक्रम आरंभ किया था, जो दो देशों के मध्य एक अघोषित युद्ध था। अग्रिम स्थिति के अधिकारी के रूप में नियुक्त लेफ्टिनेंट अभय ने शत्रु की अकारण उकसावे की कार्रवाई के प्रत्युत्तर में शत्रु चौकियों पर प्रचंड फायर किए।
इस फायरिंग ने शत्रु खेमे में युद्ध सामग्री व सैनिकों की गंभीर क्षति पहुंचाई। दुर्भाग्य से, 10 जून 2002 को शत्रु की टैंक रोधी मिसाइल लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
अग्रिम मोर्चे से जब उन्हें सैन्य चिकित्सालय ले जाया गया तो गंभीर घायल अवस्था से तनिक भी विचलित नहीं होते हुए उन्होने अपने कंपनी कमांडर व वरिष्ठ अधिकारियों को सैल्यूट किया और अपने साथी सैनिकों से हाथ भी मिलाया। अपने अंतिम शब्दों में उन्होने कहा “मैं वापस आउंगा” और अंततः अपने घातक घावों से वह वीरगति को प्राप्त हो गए।

#OpPrakram2002
#OpPrakram69FDRegiment

#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:
https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO
https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

Related posts

Havildar Iqbal Ali हवलदार इकबाल अली – तीन पीढ़ियों की सैन्य गाथा

shauryaadmin

लांस नायक बस्तीराम यादव

Chandra kishore

Kanailal Dutt कानाईलाल दत्त: बंगाल का निर्भीक ‘शेर’ जिसने फांसी को हंसते-हंसते गले लगाया

shauryaadmin

Leave a Comment