shauryasaga.com
Untold stories of Martyrs

ऑपरेशन पराक्रम सूबेदार लियाकत अली पठान,ग्रेनेडियर जसवंत सिंह राठौड़

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
सूबेदार लियाकत अली पठान
JC-448378X
24-07-1956 – 01-07-2002
वीरांगना – श्रीमती राबिया बानो
ग्रेनेडियर जसवंत सिंह राठौड़
2691468
15-07-1977 – 01-07-2002
वीरांगना – नीरू कंवर
यूनिट – 8 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट
ऑपरेशन पराक्रम
—————————————————————
सूबेदार लियाकत अली का जन्म 24 जुलाई 1956 को राजस्थान के सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के खीरवा गांव में सिपाही सल्ले खान पठान एवं श्रीमती सकीना बानो के परिवार में हुआ था।
3 जनवरी 1975 को वह भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 8 ग्रेनेडियर्स बटालियन में ग्रेनेडियर के पद पर पदोन्नत हो गए थे।
अपने सेवाकाल में सूबेदार लियाकत अली दो समय विदेश सेवा में गए थे। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में प्रशिक्षक भी रहे थे। वह फुटबॉल और हॉकी के उत्कृष्ट खिलाड़ी रहे थे। वह इंस्ट्रक्टर के रूप में सैनिकों को शस्त्रों का प्रशिक्षण देने में कुशल प्रशिक्षक रहे थे। अपने 27 वर्ष की सेवाकाल में लगभग 12 वर्ष की सेवा उन्होंने कश्मीर में की थी। दुर्गम घाटियों में तैनाती का उन्हें गहन अनुभव था। अपनी बटालियन में सेवाएं प्रदान करते हुए वह सूबेदार के पद पर पदोन्नत हो गए थे।
—————————————————————
ग्रेनेडियर जसवंत सिंह का जन्म 15 जुलाई 1977 को राजस्थान के जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के सेखाला गांव में श्री भंवर सिंह राठौड़ एवं श्रीमती धापू कंवर के परिवार में हुआ था। वर्ष 1997 में वह भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 8 ग्रेनेडियर्स बटालियन में ग्रेनेडियर के पद पर नियुक्त किया गया था। 21 अप्रैल 2002 को उनका विवाह हुआ था। ऑपरेशन पराक्रम की स्थिति में विवाह के मात्र 8 दिन पश्चात 28 अप्रैल 2002 को वह अपनी बटालियन में पहुंचने के लिए घर से चल दिए थे।
—————————————————————
वर्ष 2002 में सूबेदार लियाकत अली और ग्रेनेडियर जसवंत सिंह अपनी बटालियन के साथ ऑपरेशन पराक्रम में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे।
“ऑपरेशन पराक्रम” में 30 जून/1 जुलाई की रात्रि को 12:00 बजे‌ जम्मू-कश्मीर में गश्त के समय आतंकवादियों ने उनके सैन्य वाहन पर हथगोला फेंका, जिससे उनका वाहन 300 फीट नीचे खाई में गिर गया।
इस घटना में सूबेदार लियाकत अली और ग्रेनेडियर जसवंत सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए और पांच अन्य सैनिक घायल हो गए। भारी वर्षा के कारण आगामी प्रातः पुनः ऑपरेशन चलाया गया था।
सूबेदार लियाकत अली के दो पुत्र हैं। अरशद अयूब, सैनिक कल्याण विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं। दूसरे हवलदार इफ्तिखार पठान, अपने पिता की 8 ग्रेनेडियर्स बटालियन में ही सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
ग्रेनेडियर जसवंत सिंह ने गांव के जिस राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी, राज्य सरकार द्वारा उनके सम्मान में उस विद्यालय का नाम “शहीद जसवंत सिंह राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेखाला” किया गया है।
#OpPrakram
#OpPrakram2002
#OpPrakram8Grenadiers#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:
https://www.facebook.com/ShauryaNamanNGO
https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

Related posts

हेड कॉन्स्टेबल रणवीरआर्य(रणबीर) – शौर्य गाथा

shauryaadmin

Kanailal Dutt कानाईलाल दत्त: बंगाल का निर्भीक ‘शेर’ जिसने फांसी को हंसते-हंसते गले लगाया

shauryaadmin

Dilbag singh कांस्टेबल दिलबाग सिंह: मातृभूमि की रक्षा में अमर बलिदान

shauryaadmin

Leave a Comment