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अशोक चक्र श्री अशोक मारुतराव काम्टे

——-शौर्यनमन——-
श्री अशोक मारुतराव काम्टे का जन्म 23 फरवरी, 1965 को देहरादून, उत्तराखंड में हुआ था। उनके पिता का नाम कर्नल श्री एम आर काम्टे था। सेंट स्टीफन कालेज दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद 1989 में वे भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए थे। सन् 2008 में वे उत्तर क्षेत्र मुंबई में अपर पुलिस आयुक्त के तौर पर सेवारत थे।

26 नवंबर, 2008 को भारी मात्रा में हथियारों से लैस दस आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर एक साथ आक्रमण कर दिया।

अपर पुलिस आयुक्त, श्री अशोक मारुतराव काम्टे, उस पुलिस टुकड़ी में शामिल थे जो भागते हुए सबसे पहले कामा अस्पताल पहुंची, जहां आतंकवादी घुस गए थे।

वहां आतंकवादियों तथा पुलिस के बीच तीव्र गोलीबारी शुरू हो गई जिसके परिणामस्वरूप आतंकवादी अपना ठिकाना बदलने के लिए मजबूर हो गए।

पुलिस टुकड़ी ने आतंकवादियों का पीछा किया परंतु इस कार्रवाई में उनकी जीप पर घात लगाकर हमला कर दिया गया। इस घात में कुछ पुलिस अधिकारी मारे गए तथा श्री काम्टे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल होने के बावजूद उन्होंने लड़ाई जारी रखी तथा एक आंतकवादी को घायल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी पहचान बाद में कसाब के रूप में हुई।
श्री अशोक मारुतराव काम्टे ने आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई में उच्चतम कोटि के साहस तथा नेतृत्व का प्रदर्शन किया तथा सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। इसके पहले भी उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए कई मेडल (पदक) दिए गए थे।

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