shauryasaga.com
Maha Veer Chakra

ब्रिगेडियर जोगिन्दर सिंह बक्शी (महावीर चक्र) Brigadier Joginder Singh Bakshi (Mahavir Chakra)

शौर्य को नमन “जो वीरता की मिसाल बन गए, उनके बलिदान को हम कभी नहीं भूलेंगे।”

——-शौर्यनमन——- आई सी 4870 ब्रिगेडियर बक्शी, जोगिन्दर सिंह (महावीर चक्र)

आज हम याद करते हैं ब्रिगेडियर जोगिन्दर सिंह बक्शी (महावीर चक्र) को, जिनका जन्म 10 मार्च 1928 को कौंतिला (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उनके पिता श्री मान सिंह बक्शी के परिवार से कई सदस्यों ने भारतीय सेना में अपनी सेवा देकर नाम कमाया। ब्रिगेडियर बक्शी को 4 जून 1950 को जाट रेजिमेंट में कमीशन मिला और बाद में वे मेजर जनरल के पद तक पहुंचे।

‘मिज़ो हिल्स’ में उनकी शानदार सेवा के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा मैडल से सम्मानित किया गया। लेकिन उनकी असली वीरता की गाथा 1971 के भारत-पाक युद्ध में सामने आई। पूर्वी मोर्चे पर 340 माउंटेन ब्रिगेड ग्रुप के कमांडर के रूप में उन्होंने अदम्य साहस और सैन्य कुशलता दिखाई। 6 दिसंबर 1971 को उन्हें पीरगंज में सड़क अवरोध स्थापित करने का आदेश मिला। इसके लिए नवाबगंज-चाँदीपुर-पीरगंज अक्ष पर आगे बढ़ना था।

ब्रिगेडियर बक्शी ने इस अभियान की योजना इतनी सूझबूझ से बनाई कि 7 से 16 दिसंबर के बीच दुश्मन के मजबूत ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान बोगरा जैसे प्रमुख नगर पर भी कब्जा किया गया। उनकी रणनीति और साहस ने दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। बड़ी संख्या में शत्रु सैनिक बंदी बनाए गए और एक ब्रिगेड कमांडर सहित दुश्मन का भारी साजो-सामान भी हाथ लगा।

इस असाधारण वीरता के लिए ब्रिगेडियर जोगिन्दर सिंह बक्शी को महावीर चक्र से नवाजा गया। उनका जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।

आइए, अपने शहीदों और वीरों को याद करें। शौर्य नमन जैसी संस्थाएं हमारे शहीदों के परिवारों के लिए काम कर रही हैं। आप भी इस नेक काम का हिस्सा बन सकते हैं।

    • संपर्क: +91 91110-10008

#शौर्यनमन #महावीरचक्र #भारतीयसेना #जयहिंद #वीरगाथा #शहीदोंकोनमन #ProudIndian #IndianArmedForces #SaluteToSoldiers #BraveHearts

 

Related posts

महावीर चक्र मेजर बलजीत सिंह रंधावा

Chandra kishore

Shamsher Singh Samra सेकंड लेफ्टिनेंट शमशेर सिंह सामरा: हिली की रक्तरंजित धरती पर अमर बलिदान

shauryaadmin

Captain Kapil Singh Thapa कैप्टन कपिल सिंह थापा – शौर्य की अमर गाथा एक महावीर का बलिदान

shauryaadmin

Leave a Comment