Veer Chakra Constable Gurmail Singh – shauryasaga.com https://shauryasaga.com shaurya saga Thu, 27 Feb 2025 11:41:13 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://i0.wp.com/shauryasaga.com/wp-content/uploads/2024/02/cropped-logo1.png?fit=32%2C32&ssl=1 Veer Chakra Constable Gurmail Singh – shauryasaga.com https://shauryasaga.com 32 32 230886147 वीर चक्र सिपाही गुरमेल सिंह https://shauryasaga.com/vir-chakra-sepoy-gurmel-singh/ https://shauryasaga.com/vir-chakra-sepoy-gurmel-singh/?noamp=mobile#respond Sun, 25 Aug 2024 06:59:34 +0000 https://shauryasaga.com/?p=5214 Veer Chakra Constable Gurmail Singh
—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
सिपाही गुरमेल सिंह
29-11-1944 – 25-08-1965
वीर चक्र (मरणोपरांत)
यूनिट – 1 सिख रेजिमेंट
ऑपरेशन अब्लेज (ABLAZE)
भारत-पाक युद्ध 1965
सिपाही गुरमेल सिंह का जन्म ब्रिटिश भारत में 29 नवंबर 1944 को संयुक्त पंजाब के भटिंडा (वर्तमान फरीदकोट) जिले के दल सिंह वाला गांव में सरदार काका सिंह एवं श्रीमती शाम कौर के परिवार में हुआ था। वह भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 1 सिख बटालियन में सिपाही के पद नियुक्त किया गया था।
 
25 अगस्त 1965 को जम्मू-कश्मीर में 1 सिख बटालियन की एक कंपनी ने शत्रु की स्थिति पर आक्रमण किया। किंतु लक्ष्य तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग शत्रु की मीडियम मशीनगन (MMG) और लाइट मशीनगन (LMG) के FIRE में होने से आक्रमण रोक दिया गया। सिपाही गुरमेल सिंह इस कंपनी के अग्रणी सेक्शन में थे।
 
अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की घोर उपेक्षा करते हुए सिपाही गुरमेल सिंह आगे बढ़े और शत्रु की एक लाइट मशीन गन पर प्रत्यक्ष आक्रमण किया। उन्होंने अंधाधुंध गोलियां बरसा रही उस लाइट मशीन गन की अंगारे सी लाल बैरल को पकड़ कर बाहर खींच लिया। इस वीरतापूर्ण और भयानक कार्रवाई में उन्हें उस मशीन गन की अनेक गोलियां लगी और वह वहीं वीरगति को प्राप्त हो गए।
 
सिपाही गुरमेल सिंह ने भारतीय सेना की सर्वोत्तम परंपराओं में अनुकरणीय साहस और दृढ़ संकल्प प्रदर्शित किया। उन्हें मरणोपरांत “वीर चक्र” से सम्मानित किया गया।
]]>
https://shauryasaga.com/vir-chakra-sepoy-gurmel-singh/feed/ 0 5214