Paratrooper Chhatrapal Singh – shauryasaga.com https://shauryasaga.com shaurya saga Mon, 08 Dec 2025 10:40:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://i0.wp.com/shauryasaga.com/wp-content/uploads/2024/02/cropped-logo1.png?fit=32%2C32&ssl=1 Paratrooper Chhatrapal Singh – shauryasaga.com https://shauryasaga.com 32 32 230886147 Paratrooper Chhatrapal Singh SM पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह, सेना मेडल (मरणोपरांत) https://shauryasaga.com/paratrooper-chhatrapal-singh-4-para-sf-sacrifice/ https://shauryasaga.com/paratrooper-chhatrapal-singh-4-para-sf-sacrifice/?noamp=mobile#respond Mon, 08 Dec 2025 10:40:45 +0000 https://shauryasaga.com/?p=6030

Paratrooper Chhatrapal Singh SM

झुंझुनू का वो सपूत जिसने वतन के लिए खुद को न्योछावर कर दिया

Paratrooper Chhatrapal Singh SM -भारत माँ की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों में एक नाम पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह का भी है। राजस्थान के झुंझुनू जिले के छावाश्री गांव के इस सपूत ने अपनी अल्पायु में ही वह असाधारण शौर्य दिखाया, जिसके लिए उन्हें सेना मेडल (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। उनकी कहानी केवल साहस की नहीं, बल्कि उस अटूट देशप्रेम की है, जो उन्हें 10,000 फीट की बर्फीली ऊंचाइयों पर ले गया।

Paratrooper Chhatrapal Singh SM संक्षिप्त परिचय और सैन्य यात्रा

Paratrooper Chhatrapal Singh
Paratrooper Chhatrapal Singh
  • जन्म: 12 अगस्त 1997

  • पैतृक स्थान: छावाश्री गांव, झुंझुनू, राजस्थान

  • माता-पिता: श्री सुरेश कुमार पाल और श्रीमती शशिकला देवी

  • सैन्य यात्रा:

    • वर्ष 2015 में 18 वर्ष की आयु में सेना में शामिल हुए।

    • शुरुआत में आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) में थे।

    • साहसिक जीवन के प्रति जुनून के कारण, उन्होंने 4 पैरा (SF) बटालियन (पैराशूट रेजिमेंट) को चुना, जो भारतीय सेना की सबसे दुर्जेय स्पेशल फोर्सेज यूनिट्स में से एक है।

    • वह एक अनुशासित और समर्पित सैनिक थे, जिन्हें बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस का गहरा शौक था।

ऑपरेशन “रंगडोरी बाईहक”: सर्वोच्च बलिदान

Paratrooper Chhatrapal Singh
Paratrooper Chhatrapal Singh

अप्रैल 2020 में, Paratrooper Chhatrapal Singh SM की यूनिट कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात थी। खुफिया जानकारी के आधार पर, कुपवाड़ा जिले में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए 01 अप्रैल 2020 से ऑपरेशन रंगडोरी बाईहक शुरू किया गया।

खतरनाक एयरड्रॉप और घात

घुसपैठियों को घेरने के लिए 04 अप्रैल 2020 को 4 पैरा (SF) बटालियन के पैरा कमांडो की टीम को शामिल किया गया।

  1. कठिन मिशन: उप संजीव कुमार के नेतृत्व में छह सैनिकों की एक टीम, जिसमें Paratrooper Chhatrapal Singh SM भी शामिल थे, को एलएच (ध्रुव) हेलीकॉप्टर द्वारा उस बर्फीले और दुर्गम क्षेत्र में एयरड्रॉप किया गया।

  2. चुनौतीपूर्ण खोज: घने कोहरे और कमर तक की बर्फ में लगभग पाँच घंटे तक जूझने के बाद, अग्रणी स्काउट Ptr छत्रपाल सिंह ने संदिग्ध गतिविधि को भाँप लिया और अपनी टीम को सचेत किया।

  3. बर्फानी आपदा: रात के अंधेरे में, दुश्मनों को घेरने के प्रयास में, उप संजीव कुमार की टीम गलती से बर्फ के एक ओवरहैंगिंग हिस्से (Ice Cornice) पर आ गई।

अंतिम मुठभेड़

बर्फ का वह हिस्सा सैनिकों के भार से टूट गया, और अग्रणी स्काउट Paratrooper Chhatrapal Singh SM और Ptr बाल किशन सीधे उस जमे हुए पहाड़ी नाले में गिर गए जहाँ आतंकवादी छिपे हुए थे।

  • गिरते ही उन पर आतंकियों ने बेरहमी से गोलीबारी की।

  • उप संजीव कुमार और Ptr अमित कुमार अपने साथियों को बचाने के लिए तुरंत नाले में कूद गए।

  • Ptr अमित कुमार ने कवरिंग फायर दिया, जबकि उप संजीव कुमार ने एक स्काउट को बाहर निकाला।

  • आतंकियों से घिरे होने के बावजूद, उप संजीव कुमार ने अविश्वसनीय साहस दिखाते हुए एक आतंकी को मार गिराया और दूसरे से हाथ से हाथ की लड़ाई (Hand-to-Hand Combat) में उलझ गए।

इस भीषण और अत्यंत करीबी मुठभेड़ में, पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह, हवलदार देवेंद्र सिंह, और पैराट्रूपर बाल किशन ने उसी क्षण वीरगति प्राप्त की। उप संजीव कुमार और Ptr अमित कुमार ने भी गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में पांच बहादुर पैरा कमांडो ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

सम्मान और विरासत सेना मेडल (मरणोपरांत)

सेना मेडल SM
सेना मेडल SM

देश के प्रति असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान के लिए, Paratrooper Chhatrapal Singh SM को 26 जनवरी 2021 को सेना मेडल (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।

वह अपने पीछे अपने पिता श्री सुरेश कुमार पाल, माता श्रीमती शशिकला देवी और भाई श्री सूर्य प्रताप सिंह को छोड़ गए हैं। पैराट्रूपर छत्रपाल सिंह की शौर्य गाथा आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देती रहेगी कि वतन की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।

हम अपने इस बहादुर को नमन करते हैं!

also read:-कैप्टन जितेश भूतानी सेना मेडल Captain Jitesh Bhutani Sena Medal –2025 Brave Sacrifice That Ignites Eternal Inspiration

follw us:-शौर्य गाथा Shaurya Saga | Facebook

]]>
https://shauryasaga.com/paratrooper-chhatrapal-singh-4-para-sf-sacrifice/feed/ 0 6030