Site icon shauryasaga.com

परम वीर चक्र कैप्टन विक्रम बत्रा

—— बलिदान दिवस -शौर्यनमन—–
कैप्टन विक्रम बत्रा
परम वीर चक्र (मरणोपरांत)
जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स
कैप्टन विक्रम बत्रा (आई सी 57556) का जन्म 9 सितंबर, 1974 को मंडी गांव, हिमाचल प्रदेश में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री जी एल बत्रा था। उन्हें दिसंबर 1997 में जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स में कमीशन मिला था।

‘आपरेशन विजय’ के दौरान 12 जून, 1999 को 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स को द्रास सेक्टर जाने का आदेश दिया गया। उन्हें जल्दी ही सफलता मिली और 17 जून तक उन्होंने हम्प एवं रॉकीनॉट नामक दो महत्वपूर्ण स्थानों पर कब्जा कर लिया। बटालियन को दूसरा महत्वपूर्ण दायित्व द्रास घाटी में 15000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एवं सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण प्वाइंट 5140 पर कब्जा करने को दिया गया।

इस युद्ध को बटालियन की ‘बी’ एवं ‘डी’ कम्पनी के द्वारा किया जाना था। 2 जून, 1999 को प्वाइंट 5140 पर आक्रमण करने का दायित्व डेल्टा कंपनी कमांडर कैप्टन विक्रम बत्रा को सौंपा गया। कैप्टन बत्रा अपनी कंपनी के साथ पूर्व दिशा की ओर से घूमकर उस स्थान की तरफ बढ़े और बिना शत्रु को भनक लगे उस जगह पर पहुंच गए जहां से शत्रु पर धावा बोला जा सकता था। यहां पर दस्ते का पुनर्गठन कर उन्होंने आत्मबल से सैनिकों को उनके ठिकानों को नष्ट करने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद अपने दस्ते का नेतृत्व करते हुए वे निर्भीक होकर शत्रु पर टूट पड़े और आमने-सामने की लड़ाई में चार शत्रु सैनिकों को मार डाला।

7 जुलाई, 1999 को मश्कोह घाटी में प्वांइट 4875 की एक अन्य सैनिक कार्रवाई में उनकी कंपनी को एक ऐसी संकरी स्थली से दुश्मन के सफाए का कार्य सौंपा गया जिसके दोनों ओर खड़ी ढलान थी और जिसके एकमात्र रास्ते की शत्रु ने बड़ी संख्या में नाकेबंदी की हुई थी।
कार्रवाई को शीघ्र पूरा करने के लिए कैप्टन बत्रा ने एक संकीर्ण पर्वत श्रेणी की ओर से शत्रु के ठिकाने पर आक्रमण कर दिया और आमने-सामने की लड़ाई में करीब से पांच शत्रु सैनिकों को मार गिराया। गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के बावजूद वे रेंगते हुए शत्रु की ओर बढ़े और शत्रु के ठिकाने को नष्ट करने के लिए ग्रेनेड फेंका। सबसे आगे रहकर उन्होंने अपने साथी जवानों को एकत्र करके आक्रमण के लिए प्रेरित किया और दुश्मन की भारी गोलीबारी के सम्मुख लगभग एक असंभव कार्य को पूरा कर दिखाया।

बाद में जख्मों के कारण वे वीरगति को प्राप्त हुए। कैप्टन विक्रम बत्रा ने शत्रु के सम्मुख उत्कृष्ट वीरता तथा उच्चतम कोटि के नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए भारतीय सेना की उच्च परंपराओं के अनुरूप सर्वोच्च बलिदान दिया। मरणोपरांत उन्हें परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

#indianarmy #india #army #indianairforce #indiannavy #pulwama #galwan #freedomfighter #15august #26january #nationfirst #shauryanaman #shauryasaga #realheros #superheros
#kargil #shauryagatha #shauryanaman #kargilwar #news #imp #army #salute #ngo #bestngo #bestngoformartyrs
https://www.shauryanaman.com/ https://www.shauryanaman.org
:
https://www.instagram.com/shauryanamanngo
:

https://www.youtube.com/c/shauryanaman
: shauryanaman2019@gmail.com
:
+91 91110-10007/8

Exit mobile version